नया जिला बनने से बदल सकती है हरियाणा की राजनीति, हांसी को मिला जिला दर्जा
हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से नए जिले बनाए जाने को लेकर चर्चाएँ चल रही थीं, जो अब तेज हो गई हैं। हाल ही में चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार की कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक हुई, जिसमें असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पटौदी, पिहोवा, हांसी, बरवाला, सफीदों, गोहाना और डबवाली सहित 11 स्थानों को नया जिला बनाने को लेकर चर्चा की गई।
सरकार को नए जिले बनाने का फैसला 31 दिसंबर 2025 से पहले करना था, क्योंकि जनगणना शुरू होने से पहले जिला सीमाओं में बदलाव की यही अंतिम समय-सीमा है। इसके बाद वर्ष 2027 में होने वाले परिसीमन तक नए जिले बनना लगभग असंभव हो जाएगा, क्योंकि जनगणना की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है।
विधानसभा चुनाव से पहले करना चाहते थे घोषणा
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लगभग एक वर्ष बाद, 16 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हांसी में एक कार्यक्रम के दौरान हांसी को नया जिला बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह विधानसभा चुनाव से पहले ही यह घोषणा करना चाहते थे, लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण यह संभव नहीं हो सका था।
हांसी जिला बनाओ आंदोलन का इतिहास
23 जून 2013 को हांसी को जिला बनाने के लिए आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद धरना-प्रदर्शन, अनशन और हस्ताक्षर अभियान लगातार चलते रहे। वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हांसी को पुलिस जिला बनाया था और अब इसे पूर्ण रूप से राजस्व जिला घोषित कर दिया गया है।
हालांकि हांसी जिले का नक्शा तैयार हो चुका है, लेकिन इसका औपचारिक नोटिफिकेशन अभी जारी होना बाकी है। अनुमान है कि एक सप्ताह के भीतर इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। नए जिले में हांसी, नारनौंद और बास तहसील के साथ हांसी और नारनौंद उपमंडल तथा खेड़ी चोपटा उप-तहसील शामिल होंगी। हांसी पुलिस जिले की सीमाएँ ही हांसी राजस्व जिले की सीमाएँ होंगी।
हरियाणा में जिलों का इतिहास
1 नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य बनने के समय प्रदेश में केवल 7 जिले थे, जो अब बढ़कर 23 हो चुके हैं। वर्ष 1972 में हिसार से भिवानी, 1975 में सिरसा और 1997 में फतेहाबाद जिले बनाए गए। वर्ष 2016 में चरखी दादरी को भिवानी से अलग कर नया जिला बनाया गया था। अब 16 दिसंबर 2025 को हांसी को हरियाणा का नया जिला घोषित किया गया है।
हिसार जिले का अब तक चार बार विभाजन हो चुका है और एक जिले से पाँच जिले अस्तित्व में आ चुके हैं।
जिला बनने से क्या बदलेगा
नया जिला बनने के बाद अब हांसी में उपायुक्त (DC) बैठेंगे। हांसी और नारनौंद क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए हिसार नहीं जाना पड़ेगा। जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना होगी और जिला न्यायाधीश भी यहीं कार्यभार संभालेंगे।
जिला बनने के साथ ही क्षेत्र में नई विकास परियोजनाओं के आने की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी घोषणा की कि हांसी जिले को भाखड़ा नहर का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान हांसी में 253 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि भाजपा सरकार के समय यह आंकड़ा बढ़कर 1008 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है।

